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Aniket Shukla @aniket11
Oct 13, 2026
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4.5
मिलता है यहाँ सब कुछ, इक मिलता नहीं दिल
इन्साँ का नहीं कहीं नामोनिशाँ
ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बम्बई मेरी जाँ
Dev Saab was so effortless…
“मिलता है यहाँ सब कुछ, इक मिलता नहीं दिल…”
This line alone captures ...
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